Breaking News
Bihar NH Projects Update: पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे सहित 6 बड़ी सड़क योजनाएं कैबिनेट मंजूरी में अटकी
Iran–US Diplomatic Breakthrough in Islamabad: High-Level Talks Expected Amid Tight Security Lockdown
Iran–US Diplomatic Breakthrough in Islamabad: High-Level Talks Expected Amid Tight Security Lockdown
बिहार में सैलरी-पेंशन भुगतान पर संकट, 10% कर्मचारियों को नहीं मिला वेतन, करोड़ों लाभार्थी इंतजार में
जमुई में शराब तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड समेत 5 गिरफ्तार, नाबालिगों के इस्तेमाल का खुलासा
कटिहार में खेत में करंट लगने से पति-पत्नी की दर्दनाक मौत, चार बच्चों के सिर से उठा माता-पिता का साया
दरभंगा में 128 राजस्व कर्मचारी निलंबित, सामूहिक अवकाश से सरकारी काम बाधित करने पर डीएम का बड़ा एक्शन
बक्सर में सुकन्या योजना के नाम पर साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, 80 महिलाओं के खातों से करोड़ों का लेनदेन
Imad Mughniyeh: The Shadow Commander Behind Hezbollah’s Global Network and Modern Asymmetric Warfare
बिहार में सम्राट चौधरी के शपथ ग्रहण से पहले पटना में हाई अलर्ट, ट्रैफिक व्यवस्था बदली, कई रास्ते बंद
भागलपुर में शराबबंदी पर बड़ा सवाल: उत्पाद विभाग की गाड़ी से शराब बरामद, चालक नशे में हंगामा करता रहा
Bihar Airport Expansion: Survey to Be Conducted in 4 Districts, AAI Team from Delhi to Inspect Sites
बिहार के सरकारी स्कूलों में सख्त निगरानी लागू, अधिकारियों को रोज 3 स्कूलों का निरीक्षण करना अनिवार्य
पटना में RJD अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के कार्यक्रम में गरजे तेजस्वी यादव, केंद्र-राज्य सरकार पर बोला हमला
शराबबंदी पर मांझी का बड़ा बयान, बोले- पाव भर शराब वालों पर सख्ती क्यों, बड़े तस्कर कैसे बच जाते हैं?
समस्तीपुर में अपर मुख्य सचिव डॉ. एन विजयलक्ष्मी ने LPG, PNG और जनकल्याण सेवाओं का लिया विस्तृत जायजा
रोहतास में मंदिर से चांदी का गदा और कीमती सामान चोरी, ग्रामीणों में उबाल—“अब भगवान भी सुरक्षित नहीं”
आस्था, अनुशासन और प्रकृति उपासना का महापर्व: चैती छठ 22 मार्च से, चार दिनों तक गूंजेगा भक्ति का स्वर
पश्चिम चंपारण में जमीन विवाद बना खून-खराबे की वजह, पिता और भाई पर हत्या का आरोप, एक की मौत, दो गंभीर
पटना में BPSC TRE-4 नोटिफिकेशन को लेकर शिक्षक अभ्यर्थियों का महा आंदोलन, पैदल मार्च में जताई नाराजगी
बिहार में इफ्तार डिप्लोमेसी: नीतीश कुमार और चिराग पासवान की दावतें सियासी गलियारों में चर्चा का विषय
निशांत कुमार की जदयू में धमाकेदार एंट्री: जिम्मेदारी तय होने की प्रतीक्षा, पार्टी और विपक्ष में हलचल
हाजीपुर कोर्ट में सनसनी: पेशी के दौरान कैदी ने छत से पोखर में लगाई छलांग, पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा
युद्ध की आंच से रसोई तक संकट: दरभंगा में गैस सिलेंडर के लिए सुबह 4 बजे से लाइन, खाली हाथ लौट रहे लोग
नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का राजनीतिक डेब्यू: राज्यसभा की राह और बिहार की राजनीति में नई पारी
भारत में अप्रैल से अनिवार्य: E20 इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल की नई ऑक्टेन रेटिंग, आयात पर निर्भरता घटेगी
बिहार में अब जमीन दलालों की खैर नहीं: सरकार ने हर अंचल कार्यालय में लगाए CCTV, सख्त कार्रवाई का एलान
राजद-जदयू विवाद: नीरज कुमार ने सुनील कुमार सिंह पर जमकर साधा निशाना, शराब और इलेक्ट्रॉल बांड पर घेरा
दिल्ली से लेह जा रही स्पाइसजेट की उड़ान तकनीकी खराबी के कारण वापस दिल्ली लौट आई, सभी यात्री सुरक्षित
बिहार विधानसभा में विधायक निधि बढ़ाने को लेकर हंगामा: सत्ता और विपक्ष एकजुट, सदन में देर तक नारेबाजी
बजट सत्र के 15वें दिन सदन में हंगामा: अपराध पर घिरी सरकार, जीआई टैग और छात्र योजनाओं पर भी गरमाई बहस
पीरपैंती पावर प्रोजेक्ट पर अडानी की नजर: बिहार की ऊर्जा तस्वीर बदलने वाली योजना की आज करेंगे समीक्षा
बयानबाज़ी से गरमाया बिहार—तेजस्वी यादव बनाम मैथिली ठाकुर टकराव में ‘पुराना-नया बिहार’ की बहस फिर तेज
बिहार राज्यसभा चुनाव 2026: AIMIM ने खुद का उम्मीदवार उतारने का किया ऐलान, पांचवीं सीट के समीकरण बदले
मुजफ्फरपुर: 16 वर्षीय छात्रा की गोली मारकर हत्या, आरोपी ने थाने में आत्मसमर्पण किया, इलाके में सनसनी
फुलवारी शरीफ छात्रा मौत मामला: संदिग्ध परिस्थितियों में छात्रा की मौत, हत्या या आत्महत्या की बहस तेज
पटना: तेज प्रताप यादव का बड़ा बयान, बोले- राजनीति में साजिशें आम हैं, मेरी हत्या की साजिश भी होती रही
लोकसभा स्पीकर पर घिरा विवाद: हटाने के प्रस्ताव से गरमाया बजट सत्र, जानिए क्या है संवैधानिक प्रक्रिया
सिवान में पत्रकार पर हमला: शादी से लौटते वक्त बाइक सवार बदमाशों ने फायरिंग कर किया गंभीर रूप से घायल
“होली पर बिहार आने वालों के लिए रेलवे ने चलाई स्पेशल ट्रेनें, यात्रियों के लिए तत्काल टिकट भी उपलब्ध
मुजफ्फरपुर में स्नातक छात्र पर बाइक सवार बदमाशों ने किया हमला, पेट में लगी गोली, पुलिस जांच में जुटी
बिहार बजट में महिला सशक्तिकरण का रोडमैप: गांव की इकाई से शहर के बाजार तक, ट्रेनिंग से सीधे रोजगार तक
मोदी सरकार में बिहार को रेलवे की नई ताकत:रेल बजट नौ गुना बढ़ा,हाईस्पीड कॉरिडोर से बदलेगी कनेक्टिविटी
बिहार में जमीन दस्तावेजों का डिजिटल युग:1908 से अब तक की रजिस्ट्री एक क्लिक पर,दफ्तरों के चक्कर खत्म
बजट 2026-27: ‘शी मार्ट’ से जीविका दीदियों को मिलेगा नया बाजार, बिहार बन सकता है महिला उद्यमिता का हब
कैथी लिपि के दस्तावेज अब नहीं बनेंगे सिरदर्द, सरकार ने तय किया रेट और उपलब्ध कराए प्रशिक्षित अनुवादक
समस्तीपुर जिले के अपर जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने गणतंत्र दिवस पर जिलेवासियों को दी हार्दिक शुभकामनाएं
निष्ठा, सेवा और स्मृतियों से सजी विदाई: आचार्य विजयव्रत कंठ को भावभीनी सम्मान-समारोह में दी गई विदाई
समृद्धि यात्रा का सातवां पड़ाव: मुजफ्फरपुर को 850 करोड़ की विकास सौगात देंगे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1.55 करोड़ की ठगी, रिटायर्ड महिला डॉक्टर 7 दिन तक रही बंधक जैसी स्थिति में
- Reporter 12
- 22 Apr, 2026
देश में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है, जहां डिजिटल अरेस्ट के नाम पर एक रिटायर्ड महिला डॉक्टर से 1.55 करोड़ रुपये ठग लिए गए।
देश में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने आम लोगों की सुरक्षा और जागरूकता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक रिटायर्ड महिला डॉक्टर को साइबर ठगों ने “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर ऐसा जाल बिछाकर फंसाया कि वह सात दिनों तक मानसिक रूप से कैद जैसी स्थिति में रहीं और अंततः 1.55 करोड़ रुपये गंवा बैठीं। ठगों ने खुद को National Investigation Agency (NIA) का अधिकारी बताकर उन्हें डराया-धमकाया और पूरी तरह अपने नियंत्रण में रखा।इस मामले की पीड़िता जिया सुल्ताना बताई जा रही हैं, जो प्रोविंशियल मेडिकल सर्विसेज से सेवानिवृत्त हैं। घटना के समय वह अकेली थीं, जिसका फायदा उठाकर ठगों ने उन्हें अपने जाल में फंसाया। यह मामला इस बात का उदाहरण है कि साइबर अपराधी किस तरह मनोवैज्ञानिक दबाव और डर का इस्तेमाल कर लोगों से बड़ी रकम ठग लेते हैं।
घटना की शुरुआत 11 अप्रैल को एक वीडियो कॉल से हुई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को एक जांच एजेंसी का अधिकारी बताया और बेहद सख्त लहजे में कहा कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल देशविरोधी गतिविधियों में किया गया है। इस आरोप ने पीड़िता को पूरी तरह डरा दिया। ठग ने उन्हें चेतावनी दी कि अगर उन्होंने किसी को इस बारे में बताया, तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस तरह उन्होंने डर और गोपनीयता का माहौल बना दिया, जिससे पीड़िता किसी से मदद नहीं मांग सकीं।
इसके बाद ठगों ने अपना खेल और तेज कर दिया। एक दूसरा व्यक्ति सामने आया, जिसने खुद को NIA का वरिष्ठ अधिकारी बताया और पूरी प्रक्रिया को “आंतरिक जांच” का नाम दिया। उसने कहा कि उनके बैंक खातों की जांच जरूरी है और इसके लिए उन्हें लगातार वीडियो कॉल पर बने रहना होगा।
यही वह बिंदु था, जहां से पीड़िता पूरी तरह ठगों के नियंत्रण में आ गईं। उन्हें लगातार वीडियो कॉल पर रखा गया, जिससे वह किसी और से संपर्क न कर सकें। यह रणनीति “डिजिटल अरेस्ट” के रूप में जानी जाती है, जिसमें व्यक्ति को यह महसूस कराया जाता है कि वह किसी जांच एजेंसी की निगरानी में है और उसे हर निर्देश का पालन करना होगा।
अगले सात दिनों तक यही सिलसिला चलता रहा। इस दौरान ठगों ने पीड़िता से उनके बैंक खातों की पूरी जानकारी हासिल कर ली। 11 से 17 अप्रैल के बीच अलग-अलग बहानों से उन्हें पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया गया। कभी कहा गया कि यह “वेरिफिकेशन” के लिए है, तो कभी “सुरक्षा जांच” के नाम पर रकम भेजने को कहा गया।
इस दौरान पीड़िता से चार अलग-अलग खातों में कुल 1.55 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। ये सभी ट्रांजैक्शन RTGS के जरिए किए गए, जिससे पैसा तुरंत ठगों तक पहुंच गया। लगातार दबाव और डर के माहौल में पीड़िता को समझ ही नहीं आया कि उनके साथ क्या हो रहा है।
हालांकि, जब ठगों ने और पैसे की मांग शुरू की, तब पीड़िता को शक हुआ। उन्होंने हिम्मत जुटाकर अपने एक करीबी व्यक्ति को पूरी बात बताई। इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि वे एक बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुकी हैं।
मामला सामने आते ही साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और जिन खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए थे, उन्हें फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी। साथ ही कॉल करने वाले नंबरों की लोकेशन और कॉल डिटेल्स भी खंगाली जा रही हैं।
प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि यह किसी अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का काम हो सकता है, जो इस तरह के संगठित अपराध को अंजाम देता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि “डिजिटल अरेस्ट” जैसे नए तरीके साइबर अपराध की दुनिया में तेजी से फैल रहे हैं। इसमें ठग खुद को पुलिस, CBI या NIA जैसे बड़े संस्थानों का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और उन्हें मानसिक रूप से इतना कमजोर कर देते हैं कि वे बिना सोचे-समझे उनके निर्देशों का पालन करने लगते हैं।
यह घटना आम लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है। किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा इस तरह वीडियो कॉल पर जांच करने या पैसे ट्रांसफर करने के निर्देश नहीं दिए जाते। अगर कोई ऐसा करता है, तो यह साफ तौर पर धोखाधड़ी का संकेत है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ऐसे किसी भी कॉल या मैसेज पर तुरंत भरोसा न करें। अगर कोई खुद को सरकारी अधिकारी बताकर डराने की कोशिश करे, तो उसकी जानकारी की पुष्टि आधिकारिक स्रोत से करें और तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।
यह मामला दिखाता है कि तकनीक जितनी तेजी से आगे बढ़ रही है, अपराधी भी उतनी ही तेजी से नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *







